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September 26, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बापू का जन्मदिन

-मनोज कुमार बापू इस बार आपको जन्मदिन में हम चरखा नहीं, वालमार्ट भेंट कर रहे हैं.गरीबी तो खतम नहीं कर पा रहे हैं, इसलिये  गरीबों को  खत्म करने का अचूक नुस्खा हमने इजाद कर लिया है. खुदरा बाजार में हम विदेशी पंूजी निवेश को अनुमति दे दी है. हमें ऐसा लगता है कि समस्या को ही नहीं, जड़ को खत्म कर देना चाहिए और आप जानते हैं कि समस्या गरीबी नहीं बल्कि गरीब है और हमारे इन फैसलों से समस्या की जड़ गरीब ही खत्म हो जाएगी. बुरा मत मानना, बिलकुल भी बुरा मत मानना. आपको तो पता ही होगा कि इस समय हम इक्कसवीं सदी में जी रहे हैं और आप हैं कि बारमबार सन् सैंतालीस की रट लगाये हुए हैं कुटीर उद्योग, कुटीर उद्योग. एक आदमी चरखा लेकर बैठता है तो जाने कितने दिनों में अपने एक धोती का धागा जुटा पाता है. आप का काम तो चल जाता था  लेकिन हम क्या करें. समस्या यह भी नहीं है, समस्या है कि इन धागों से हमारी सूट और टाई नहीं बन पाती है और आपको यह तो मानना ही पड़ेगा कि इक्कसवीं सदी में जी रहे लोगों को धोती नहीं, सूट और टाई चाहिए वह भी फटाफट  . हमने गांव की ताजी सब्जी खाने की आदत छोड दी है क्योंकि डीप फ्रीजर की सब्जी हम कई दिन…