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March 7, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

समय का शोध और शोध का समागम

भोपाल से प्रकाशित शोध पत्रिका समागम वास्तव में एक पत्रिका नहीं, एक संकल्प है. संकल्प उस पत्रकारिता का जिसके लिये मेरी पहचान है. बीते पैंतीस सालों में जो कुछ सीखा, उसमें से जो कुछ अपनी बाद की पीढ़ी को दे सकूं, इसके लिये समागम को माध्यम बनाया.  मेरे संकल्प को समाज ने अपना संकल्प बनाया और साथ  चलकर मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं. इन सबके लिये आभार छोटा सा शब्द है लेकिन आभारी ही नहीं, मैं हमेशा ऋणी रहूंगा.  समागम पर साथी विद्यार्थी भाई राजीव ने एक पड़ताल की है. इस पड़ताल को समाचार4मीडिया ने सम्मानजनक स्थान देकर प्रकाशित किया है. मैं दोनों के प्रति आभारी हूं. दरअसल अपने अन्य साथियों तक राजीव के विचारों को बांटने का  मोह नहीं छोड़ पा रहा हूं तो इसे  फेसबुक और अपने ब्लॉक पर सधन्यवाद जारी कर रहा हूं मनोज कुमार सम्पादक समागम, भोपाल मोबाइल 09300469918  


राजीव रंजन प्रसाद, शोध छात्र
यह समय सूचनाक्रान्त है। सूचनाओं का आधिक्य और उससे निर्मित दबाव परोक्ष है, किन्तु इससे उत्पन्न कठिनाइयाँ अथवा मुश्किलें प्रत्यक्ष हैं। सामाजिक-सांस्कृतिक गतिकी जिसमें सूचनाओं की आमद अथवा आवाजाही हाल के दिनों में बढ़ी है, में …