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हबीब तनवीर का लोक संसार

-अनामिका  नाचा छत्तीसगढ़ की पारम्परिक प्रतिष्ठापूर्ण लोकविधा है। नाचा का संसार न केवल विविधताओं से परिपूर्ण है बल्कि इसमें सामाजिक जागरूकता का भाव भी है। छत्तीसगढ़ की लोक विधा नाचा को इस सदी के महान रंगकर्मी हबीब तनवीर ने पहचाना और नाचा को विश्व रंगमंच पर प्रतिष्ठित किया। नाचा के साथ ही छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को विका रंगमंच पर प्रतिष्ठित करने वाले इस सदी के महान रंगकर्मी हबीब तनवीर रायपुर से हैं। हबीब तनवीर ने छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को विका रंगमंच में प्रतिष्ठित करने के लिये स्थानीय कलाकारों को अपनी टीम का हिस्सा बनाया। वे दुनिया की नब्ज जानते थे। रंगकर्म से उनका पुराना रिश्ता था। हबीब तनवीर और उनका नया थियेटर एक दूसरे के पूरक बन गये थे। उनका हर प्रदर्शन कालजयी बना। हबीब तनवीर केवल नाट्य संस्था संस्थापक नहीं थे, वे एक ऐसे व्यक्ति थे जो अनेक कला विधाओं के विशेषज्ञ और सृजनकर्ता भी थे। हबीब तनवीर व्यक्ति न रहकर एक अनन्य संस्था बन गए थे। नाट्य आलेख लेखक, कवि, संगीतकार, अभिनेता, गायक, निर्देशक और संचालक, और क्या नहीं, सभी कुछ, हबीब तनवीर थे। इस तरह छत्तीसगढ़ और हबीब तनवीर का रंगकर्म एक दूसरे…