संदेश

December 8, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विश्वास दरकने का साल 2013

मनोज कुमार
      कहते हैं कि 13 का अंक बुरा होता है। मैं ज्योतिष शास्त्र पर विश्वास नहीं करता, तो अविश्वास भी नहीं है। कभी 13 के फेर में नहीं पड़ा, लेकिन आज जब मैं मीमांसा कर रहा हूं, तो लगता है कि यह साल 2013 वास्तव में बुरा ही बुरा रहा। खासतौर पर यह साल समाज का भरोसा तोडऩे वाला साल साबित हुआ। पहले अन्ना हजारे के आंदोलन का बिना मकसद पाए खत्म हो जाना, फिर आसाराम की करतूतों पर से परदा उठना और आखिरी में मीडिया को अविश्वास के घेरे में लाकर तेजपाल का एक किशोरी के साथ कथित यौन व्यवहार करना। अब ज्योतिष दावे से कह सकते हैं कि 13 का अंक वास्तव में बुरा होता है। इस समय हम सब शर्मसार हैं। हमारी यह शर्मिंदगी हमारे अपने किए पर नहीं है, बल्कि हमारे भरोसे के लगातार दरक जाने से है। बहुत ज्यादा नहीं लगभग दो साल के अंतराल में हम इस बुरे दौर से गुजर रहे हैं। यह दौर अंग्रेजों के राज से भी बद्तर है। इन दो सालों के बीच विश्वास ठांठें मारता रहा और हमें लगने लगा कि भारत में, हमारे भारतीय समाज में एक ऐसा दिन आने वाला है, एक ऐसी सुबह होने वाली है, जब हम रोज-रोज के छले जाने वाले प्रपंच से खुद को बरी पा सकेंगे…