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August 7, 2009 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

kuch alag

पानी में आग लगाने की koshishamiidiyaa एवं संस्कृति पर एकाग्र मासिक पत्रिका समागम के जून २००८ के अंक में सुरेश नंदमेहर के बारे में एक आलेख का प्रकाशन किया गया था। पेशे से चमड़े का काम करने वाले सुरेश एक आठपृष्ठीय टेबुलाइट साईज में मासिक अखबार का प्रकाशन करते हैं। उनका यह श्रम एवं लगन कई और साथियों को प्रेरणा दे सकता है। इस उम्मीद के साथ। भोपाल के सुरेश नंदमेहर एक मामूली चर्मकार हैं। अन्याय सहना उनकी फितरत में नहीं है और इसी फितरत के चलते उन्होंने पानी में आग लगाने जैसा काम करने निकल पड़े हैं। चर्मकार समाज की मांग को लेकर २७ दिनों तक भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर धरने पर बैठे सुरेश को जब अखबारों में पर्याप्त जगह नहीं मिली तो उन्होंने मन में ठान लिया कि अब वे अखबारों में अपनी खबर छपवाने के लिए नहीं जाएंगे बल्कि अपना अखबार निकालेंगे जो उनके समाज की आवाज उठाने में आगे रहेगा। इस तरह एक अखबार का जन्म हुआ और नाम रखा गया बाल की खाल। यह सुरेश का ही साहस था कि जेब में फूटी कौड़ी नहीं और अखबार शुरू करने की ठान ली। सुरेश नंदमेहर भक्त कवि रैदास की परम्परा को कहीं आगे बढ़ाते दिखते हैं तो कहीं उनकी ताकत द…

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पत्रकारिता के इस मंच पर आपका स्वागत है
बहस में हिस्सेदारी कीजिये- सराय नहीं पत्रकारिता
पत्रकारिताको लेकर लगातार बहस होती है। पत्रकारिता के कार्य और उसकी सरहदों को लेकर लोग मनचाहे कमेंट करते हैं। कहीं कहीं पर तो पत्रकारिता के अस्तित्व पर भी सवालिया निशान लगाया जाता है। बावजूद इसके पत्रकारिता के बिना लोगों का काम भी नहीं चल पाता है क्योंकि पत्रकारिता ही एक ऐसा मंच है जहां न वकील करना पड़ता है और न ही अपनी बात को रखने के लिये किसी की सिफारिश। बिना स्वार्थ और लोभ के लोकहित में पत्रकारिता ढाई सौ सालों से अधिक समय से काम कर रहा है। पत्रकारिता में वे लोग काम कर रहे हैं जो मुफलिसी में जीना पसंद करते हैं और जिनके लिये लोकसेवा पहला कर्तव्य है। पत्रकारिता में यह स्थिति बदलती जा रही है। अब नौकरी नहीं मिलने के कारण पत्रकारिता में आना मजबूरी हो गई है या फिर लोकप्रियता हासिल करने के लिये भी लोग पत्रकारिता में प्रवेश कर रहे हैं। हाल ही में प्रोफेसरी से बर्खास्त किये गये प्रो. मटुकनाथ ने पत्रकारिता में आने की बात कही है। क्या मटुकनाथ का पत्रकारिता में आना उचित है? क्या मटुकनाथ को पत्रकारिता में आना चाहि…