शनिवार, 22 अगस्त 2009

रचना आमंत्रित

मासिक पत्रिका समागम के सितम्बर 2009 के लिये आमंत्रणभोपाल। मीडिया, संस्कृति एवं साहित्य पर एकाग्र भोपाल से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका समागम का सितम्बर 2009 का अंक उन शब्दशिल्पियों पर केन्द्रीत है जो अखिल भारतीय प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य सेवाओं में होने के बाद भी निरंतर सक्रिय रहते हैं। हमने ऐसे कुछ गंभीर शब्दशिल्पियों की तलाश की है। संभव है कि कुछ नाम छूट रहे हों। आपकी जानकारी में ऐसे शब्दशिल्पी हों तो कृप्या अविलम्ब उनकी सूचना दें अथवा उनके बारे में सचित्र विवरण भेजें। इस हेतु आखिरी तिथि 05 सितम्बर 2009 है। डाक से रचना भेजने का पता है - सम्पादक समागम, 3, जूनियर एमआईजी, द्वितीय तल, अंकुर कॉलोनी, शिवाजीनगर, भोपाल-16 या मेल कर सकते हैं e-mail: k.manojnews@gmail.com

1 टिप्पणी:

कुछ बात तो है उनमें, कोई यूँ ही मोदी नहीं हो जाता

  प्रो. मनोज कुमार कुछ बात तो है उनमें, कोइ यूँ ही नरेन्द्र मोदी नहीं कहलाता. वैसे भी भारतीय राजनीति में अलग-अलग समय में अलग-अलग मानक गढ़े...