गुरुवार, 27 अगस्त 2015

शोध पत्रिका "समागम" का नया अंक














शोध पत्रिका "समागम" का नया अंक हिंदी पर केंद्रित है. हिंदी के विविध पक्षों पर सारगर्भित लेखो के साथ शोध आलेख भी है. इस अंक का संपादन हिंदी की सुपरिचित साहित्यकार डॉ उर्मिला शिरीष ने किया है. भोपाल से प्रकाशित इस पत्र्रिका के संपादक मनोज कुमार है. 

खादी और गांधी पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं-रघु ठाकुर

भोपाल। ‘खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि वह अनेक आयामों से जुड़ा हुआ है. जैसे जैसे समय गुजरता जा रहा है, वैसे वैसे खादी और गांधी अधिक प्रासंगिक...