बुधवार, 26 अप्रैल 2017

*घोस्टराइटर्स सर्विस: सोच आपकी, शब्द हमारे!*

*घोस्टराइटर्स सर्विस: सोच आपकी, शब्द हमारे!*
मुंबई. विश्व में घोस्टराइटर्स की भूमिका अनेक महत्वपूर्ण मौकों पर रही है! लेख, समाचार आदि लिखने से लेकर भाषण लिखने तक में घोस्टराइटर्स का योगदान उल्लेखनीय रहा है, लेकिन... इसे अब तक सार्वजनिक मान्यता नहीं मिल पाई है! इसी के मद्देनजर पीपीआई की ओर से... सोच आपकी, शब्द हमारे... धारणा पर आधारित विश्व की पहली घोस्टराइटर्स सर्विस प्रारंभ की जा रही है.
* पीपीआई के निर्देशक (कंटेंट) प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि लोगों के विचारों को वाक्यों में ढालने के इरादे से यह विचारकों के लिए विशेष सेवा है ताकि वे अपनी बात सही तरीके से लोगों तक पहुंचा सकें!
* पीपीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिमनोज ने बताया कि अच्छे विचारों को पलपलइंडियाडॉटकाम (palpalindia.com) पर भी प्रकाशित करने का प्रयास किया जाएगा.
* एक रुपया प्रति अक्षर की दर से दी जानेवाली इस सेवा के लिए शुरूआती आमंत्रण दर एक रुपया प्रति शब्द रखी गई है.
* इस सेवा में न केवल लोगों के विचारों, अनुभवों, जानकारियों पर आधारित... लेख/समाचार/रचनाएं आदि तैयार की जाएंगी बल्कि यह उन विचारक/पत्रकार/लेखक/मार्केटिंग हेड के लिए भी उपयोगी रहेगी जो ठेठ ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं. उन्हें स्टोरी आईडिया के साथ-साथ डेली कंटेंट के लिए रेफरेंस मटेरियल भी उपलब्ध करवाया जाएगा. विशेष परिशिष्ट के लिए भी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी!
* पत्रकारों और लेखकों के लिए यह अपनी तरह की पहली सेवा है. जो विचारक... लेखक बनना चाहते हैं... पत्रकार बनना चाहते हैं... और यह सेवा लेना चाहते हैं, वे संपर्क कर सकते हैं...
* व्हॉट्स एप नंबर  9772354346... ppirajasthannews@gmail.com.

खादी और गांधी पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं-रघु ठाकुर

भोपाल। ‘खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि वह अनेक आयामों से जुड़ा हुआ है. जैसे जैसे समय गुजरता जा रहा है, वैसे वैसे खादी और गांधी अधिक प्रासंगिक...