गुरुवार, 15 जून 2017

शोध पत्रिका समागम का नया अंक


मध्यप्रदेश की जीवनदायनी नदी माँ नर्मदा को लेकर जागरूकता के लिए पहल शुरू हुई है. इस पहल को बढ़ाने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है और नर्मदा परिक्रमा की परम्परा क्या है, पर यह अंक केंद्रित  है।  

खादी और गांधी पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं-रघु ठाकुर

भोपाल। ‘खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि वह अनेक आयामों से जुड़ा हुआ है. जैसे जैसे समय गुजरता जा रहा है, वैसे वैसे खादी और गांधी अधिक प्रासंगिक...