सोमवार, 17 अप्रैल 2017

बिहार के चम्पारण सत्याग्रह के 100 साल का स्मरण किया जा रहा है. मीडिया के स्टूडेंट को यह जानना भी ज़रूरी है कि यह क्या था. बेहद सीमित संसाधनों में यह अंक हमेशा की तरह तैयार किया गया.. सहयोग के लिए आप सभी का शुक्रिया। साथ में अप्रैल की ख़ास तारीख का भी उल्लेख किया गया है.
शोध पत्रिका "समागम" का अगला अंक पत्रकारिता पर है. मीडिया वर्सेस सोशल मीडिया।
सम्पादक 

कुछ बात तो है उनमें, कोई यूँ ही मोदी नहीं हो जाता

  प्रो. मनोज कुमार कुछ बात तो है उनमें, कोइ यूँ ही नरेन्द्र मोदी नहीं कहलाता. वैसे भी भारतीय राजनीति में अलग-अलग समय में अलग-अलग मानक गढ़े...