गुरुवार, 16 जून 2016

एक कलम स्वच्छता के लिए













स्वच्छ  भारत अभियान को लेकर जनमानस में अभी भी असमंजस है. बहुतेरे लोगो, खासकर मीडिया के स्टूडेंट को यही पता नहीं है कि मोदी जी ने स्वच्छ  भारत अभियान की मियाद कौन सी तय की है. स्वच्छ  भारत अभियान का अर्थ केवल खुले में शौच से ही लगाया जा रहा है. इनके साथ ही स्वच्छ  भारत अभियान से जुड़े विभिन्न आयाम पर शोध पत्रिका "समागम" का यह अंक केंद्रित किया गया है. यह अंक आप वेबसाइट www.sabrangweb.com पर भी देख सकते हैं. 

खादी और गांधी पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं-रघु ठाकुर

भोपाल। ‘खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि वह अनेक आयामों से जुड़ा हुआ है. जैसे जैसे समय गुजरता जा रहा है, वैसे वैसे खादी और गांधी अधिक प्रासंगिक...