रविवार, 17 मई 2015

दोस्तों,
शोध पत्रिका "समागम" का मई 2015 का अंक सौपते हुए प्रसन्नता हो रही है. दुख इस बात का है कि हर बार एक नया वेतन आयोग आता है और हम सबको उम्मीद होती है कि अब की बार, वेतन भरमार होगी लेकिन ऐसा नहीं होता है. एक कोशिश है हमारी पीड़ा को आवाज़ देने की. अंक आपको कैसा लगा, ज़रूर बताएंगे।
संपादक

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