शनिवार, 13 मई 2017

शोध पत्रिका "समागम" मई 2017

भारत में हिंदी पत्रकारिता में तारीख 30 मई 1826 मील का पत्थर है. इस दिन पहला हिंदी समाचार पत्र का प्रकाशन आरम्भ हुआ था. तब से लेकर आज तक हिंदी पत्रकारिता ने अनेक मानक गढ़े है. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का दौर आया और अब हम सोशल मीडिया की जद में हैं. कहना होगा कि कहाँ से चले थे हम और कहाँ पहुंच गए... ठोंकने की पत्रकारिता अब निपटाने की मीडिया में बदल रही है.. कुछ इस बदलते दौर की कहानी कह रहा है शोध पत्रिका "समागम" 

खादी और गांधी पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं-रघु ठाकुर

भोपाल। ‘खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि वह अनेक आयामों से जुड़ा हुआ है. जैसे जैसे समय गुजरता जा रहा है, वैसे वैसे खादी और गांधी अधिक प्रासंगिक...