मंगलवार, 10 अगस्त 2021

शोध पत्रिका "समागम " के नए अंक में


 आजादी का अमृत पर्व अर्थात उन दिनों को गौरवपूर्वक याद करने का समय जिनके साहस और बलिदान से आज हम स्वतंत्र हैं लेकिन कुछ उन ऐतिहासिक घटनाओं को भी याद करना और नई पीढ़ी को बताने की जवाबदारी भी हमारी है. इतिहास के पन्नों से कुछ कहानियां शोध पत्रिका "समागम " के नए अंक में 

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खादी और गांधी पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो रहे हैं-रघु ठाकुर

भोपाल। ‘खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि वह अनेक आयामों से जुड़ा हुआ है. जैसे जैसे समय गुजरता जा रहा है, वैसे वैसे खादी और गांधी अधिक प्रासंगिक...