मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

वैश्वीकरण के युग में हिन्दी भाषा

 










  





1 टिप्पणी:

  1. आज दुनिया पहले से कहीं अधिक जुड़ गई है, लेकिन हिन्दी ने भी अपनी मजबूत पहचान बनाए रखी है। इंटरनेट, सोशल मीडिया, फिल्मों और डिजिटल माध्यमों ने हिन्दी को नए पाठक और नए मंच दिए हैं। बहरहाल, मेरा यहाँ आने का एक कारण और भी है। हम लोग मुंशी प्रेमचंद जी की आगामी पुण्यतिथी ३१ जुलाई २०२६ के अवसर पर प्रेमचंद महोत्सव के अंतर्गत "५० दिनों में ५० कहानियाँ" बनाने, सुनाने (और जुटाने की भी!) की ओर प्रयासरत है. अगर आपकी रूचि हो तो इस अभियान में आपका सहर्ष स्वागत है.

    अधिक जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी - HindiDiscussionForum dot com
    धन्यवाद!

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