शोध पत्रिका ‘समागम’ का नया अंक राष्ट्र-कवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ के शताब्दी वर्ष पर
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तीजन, भाऊ साहब और वो समय
तीजन, भाऊ साहब और वो समय प्रो. मनोज कुमार तीजन बाई नहीं रहीं। ख़बर दुखदायक है लेकिन होनी है। अभी वे 70 वर्ष की थीं। कुछ समय से बीमार भी थी...
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